google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kabu Education : भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी: बैरन द्वीप पर फिर हुआ धमाका, जानिए इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी: बैरन द्वीप पर फिर हुआ धमाका, जानिए इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य



भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी: बैरन द्वीप पर फिर हुआ धमाका, जानिए इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य


 

भारत के भूगोल और प्राकृतिक अजूबों में रुचि रखने वालों के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। भारत के इकलौते सक्रिय ज्वालामुखी, बैरन द्वीप ज्वालामुखी (Barren Island Volcano), में एक बार फिर कम तीव्रता वाले (हल्के) विस्फोट दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महज आठ दिनों के भीतर यहाँ दो बार हल्के ज्वालामुखी विस्फोट देखे गए। है बैरन द्वीप और कहाँ स्थित है?बैरन द्वीप (Barren Island) अंडमान सागर में स्थित एक पूरी तरह से निर्जन (Uninhabited) द्वीप है, यानी यहाँ कोई भी आम नागरिक या आबादी नहीं रहती है।दूरी: यह अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से समुद्र मार्ग द्वारा लगभग 140 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।विशेषता: यह न केवल भारत का, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया (South Asia) का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।विवर्तनिक प्लेटों (Tectonic Plates) का संगमभौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। बैरन द्वीप भारतीय (Indian) और बर्मी (Burmese) टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु यानी सबडक्शन ज़ोन (Subduction Zone) पर स्थित है। इन प्लेटों के भीतर होने वाली आंतरिक हलचल और मैग्मा के दबाव के कारण ही यहाँ समय-समय पर ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। यह मुख्य रूप से लावा, चट्टानों के टुकड़ों और ज्वालामुखीय राख से बना एक स्ट्रैटोज्वालामुखी (Stratovolcano) है।बैरन द्वीप ज्वालामुखी का इतिहास और महत्वपूर्ण वर्षइस ज्वालामुखी का इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प रहा है:पहला रिकॉर्डेड विस्फोट: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस द्वीप पर सबसे पहला ज्वालामुखी विस्फोट साल 1787 में दर्ज किया गया था।लंबी शांति के बाद वापसी: इसके बाद यह ज्वालामुखी लगभग 150 से अधिक वर्षों तक शांत (Dormant) रहा और साल 1991 में यह अचानक दोबारा सक्रिय हो गया।हालिया गतिविधियां: 1991 के बाद से यहाँ साल 2005, 2017, 2022 और अब हाल ही में इसमें फिर से हल्के विस्फोट देखे गए हैं।भारत के दो प्रमुख ज्वालामुखी (परीक्षा के लिए विशेष)अक्सर परीक्षाओं में भारत के ज्वालामुखियों को लेकर भ्रम की स्थिति रहती है, इसे स्पष्ट रूप से समझें:बैरन ज्वालामुखी (Barren Volcano): यह मध्य अंडमान के पूर्व में स्थित है और भारत का एकमात्र सक्रिय (Active) ज्वालामुखी है।नारकोंडम ज्वालामुखी (Narcondam Volcano): यह उत्तरी अंडमान के पूर्व में स्थित है, लेकिन यह एक प्रसुप्त/शांत (Dormant) ज्वालामुखी है, जिसमें लंबे समय से कोई विस्फोट नहीं हुआ है।

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