google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kabu Education : भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने सी. पी. राधाकृष्णन: जानिए चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक सफर से जुड़े मुख्य तथ्य

भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने सी. पी. राधाकृष्णन: जानिए चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक सफर से जुड़े मुख्य तथ्य

 

भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने सी. पी. राधाकृष्णन: जानिए चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक सफर से जुड़े मुख्य तथ्य




भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। एनडीए (NDA) उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को भारत का नया और 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया है। उन्होंने इस कड़े मुकाबले में विपक्षी गठबंधन (INDIA) के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को पटखनी दी।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और राजनीति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए इस चुनाव और सी. पी. राधाकृष्णन के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदु नीचे दिए गए हैं।उपराष्ट्रपति चुनाव के आंकड़े (Election Voting Stats)राज्यसभा के महासचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. सी. मोदी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में भारी मतदान देखने को मिला:कुल मतदान: कुल 781 योग्य मतदाताओं में से 767 सांसदों ने अपने मत का प्रयोग किया (यानी लगभग 98.2% मतदान)।वैध और अवैध मत: डाले गए 767 वोटों में से 752 वोट पूरी तरह वैध पाए गए, जबकि 15 वोटों को अमान्य (इलीगल) घोषित कर दिया गया।जीत का अंतर: एनडीए के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी बी. सुदर्शन रेड्डी केवल 300 वोट ही हासिल कर सके। इस तरह उन्होंने 152 वोटों के अंतर से यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।उपराष्ट्रपति चुनाव का निर्वाचक मंडल (Electoral College)भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार, देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव एक विशेष निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है कि इसमें कौन भाग लेता है:लोकसभा के सदस्य: इसमें लोकसभा के सभी 543 निर्वाचित सांसद वोट डालते हैं।राज्यसभा के सदस्य: इसमें राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों के साथ-साथ 12 मनोनीत (Nominated) सदस्य भी मतदान करने के पात्र होते हैं। (ध्यान रहे, राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सदस्य वोट नहीं दे सकते, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में देते हैं)।सी. पी. राधाकृष्णन: जमीन से शीर्ष तक का राजनीतिक सफर20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे चंद्रपुरम पोन्नुसामी (सी.पी.) राधाकृष्णन का राजनीतिक जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा है:शुरुआती जीवन: उन्होंने मात्र 17 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।संसदीय सफर: उन्होंने कोयंबटूर लोकसभा सीट से 1998 और 1999 के आम चुनावों में भारी अंतर से जीत हासिल की थी।शिक्षा: उन्होंने तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित वी. ओ. चिदंबरम कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।संवैधानिक पद: उपराष्ट्रपति बनने से पहले वे झारखंड और महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।परीक्षा के लिए विशेष: उपराष्ट्रपति पद का इतिहासपहले उपराष्ट्रपति: स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे, जिन्होंने 13 मई 1952 को कार्यभार संभाला था।विशेष तथ्य: भारत के इतिहास में कृष्णकांत एकमात्र ऐसे उपराष्ट्रपति रहे हैं, जिनका निधन उनके कार्यकाल के दौरान (21 अगस्त 1997 से 27 जुलाई 2002) हुआ था।

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