google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 google.com, pub-1480548673532614, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kabu Education : अंग्रेजों की भारत में भू-राजस्व प्रणालियां/ नीतियाँ

अंग्रेजों की भारत में भू-राजस्व प्रणालियां/ नीतियाँ

 

𐫰अंग्रेजों की भारत में भू-राजस्व प्रणालियां 𐫰




1 इजारेदारी प्रथा:-

▪️ सूत्रपात :- 1772 में वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा
▪️ विशेषता :- इसमें भूमि को पंचवर्षीय ठेके पर देने की व्यवस्था थी।




2 स्थायी बंदोबस्त:-

▪️सूत्रपात :- 1793 में लॉड कार्नवालिस द्वारा
▪️विशेषता :- इस व्यवस्था के अंतर्गत जंमीदारों को भूमि का स्वामी बना दिया गया।
▪️ जंमीदारों को किसानों से वसूल किये गए भू-राजस्व की कुल रकम का 10/11 भाग कंपनी को देना था तथा 1/11 भाग स्वयं रखना था।




3 रैयतवाड़ी व्यवस्था:-

▪️ सूत्रपात :- 1820 में टॉमस मुनरों द्वारा
▪️ विशेषता :- • इस व्यवस्था में किसानों को भूमि का मालिक बना दिया गया था ।
▪️ कंपनी सीधे किसानों से लगान वसूलती थी।




4 महालबाड़ी पद्धति:-

▪️सूत्रपात :- लॉर्ड हेस्टिंग्स द्वारा
▪️विशेषता :- • भू-राजस्व का बंदोबस्त गांव के प्रधान के साथ किया जाता था।
▪️ लगान का निर्धारण गांव के उत्पादन के आधार पर किया जाता है।



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